Monday, February 11, 2013

किस्मत....


यह किस्मत कभी कभी.....
कडी धूप जैसी लगती है....
छोटी छोटी खुशियो के लिए....
पल पल तरसती है.....

यह किस्मत कभी कभी.....
घनी छाव जैसी लगती है....
मा के ममताभरे...
आंचल सी लगती है.....

यह किस्मत कभी कभी.....
घीरे हुए बादल सी लगती है...
तेरी हर याद सिमटकर....
मेरी आंखो से बरसती है....

यह किस्मत कभी कभी.....
सुबह कि पेहली किरण लगती है....
जिंदगीके हर अंधेरेको...
चीर के निकलती है....

यह किस्मत कभी कभी.....
घने अंधेरेसी लगती है....
तेरा साथ ना हो तो....
हर पत्थरसे  टकराती है.....

यह किस्मत कभी कभी.....
गेहरे पाणी जैसी लगती है...
दिल कि गेहराईयोमे ...
खुद हि खो जाती है....

यह किस्मत कभी कभी.....
विशाल समंदर सी लगती है...
सतेह पर भलेही शांती....
पर अंदर कई राज छुपाये रखती है.....

यह किस्मत कभी कभी.....
तेरी प्यारीसी मुस्कान लगती है...
तेरे नन्हे कदमो से...
इस आंगण मी खुशियो के गुल खिलाती है...

यह किस्मत कभी कभी.....
तेरे साथ जैसी लगती है....
जिंदगीकी हर छोटी बडी लडाई...
जितने कि हिम्मत देती है...


यह किस्मत कभी कभी.....
तेरे प्यार जैसी हसीन लगती है....
दुनिया कि हर ख़ुशी....
मेरे आंचल मी आके खिलती है..... :)

- टिंग्याची आई

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