क्यों रुक जाती है किसी पन्ने पर यूँ जिन्दगी।
किसी सूरत में आगे बढ़ना ना चाहे ये जिन्दगी।
आयेगा फिर लौट के यही पन्ना, यही आस दिलाती है जिन्दगी।
इसी झूठी आस के साथ, हर पन्ना पलटती है जिन्दगी।
किसी अंजाने मोड़ पर.… क्यों थम जाते है लमहे…
जितना भुलाना चाहे… उतना याद आते है ये लमहे।
किसी एक लमहे की चाह में, आगे बढ़ते रेहते है लमहे।
हर प्यारा लमहा, फिर पीछे छोड़ देते है ये लमहे।
दिल के जख्मो को यूँ इस तरहा छुपाये मत रखना
कोई आयेगा मरहम लगाने , राह मत तकना
ये जख्म ही तो तुम्हारी अपनी अमानत है
इन्हिकी बदोलत किसीकी जिन्दगी आज सलामत है…
हमारी आँखों की नमी को आसू मत समझना,
कोई बूँद अगर बेह जाए, तो हमें कमजोर मत समझना,
वैसे तो एक समंदर हमने दिल में छुपाए रखा है
कभी फुरसत में मिलना, आज भी हर एक आसू हमने संभाल के रखा है.…
मला न भेटण्याचा… तुला रोज एक बहाणा सुचतो…
मी आपला स्वतःलाच समजावतो… आणि तुला मात्र त्यातच कवितेला नवा विषय मिळतो… :)
मी आपला स्वतःलाच समजावतो… आणि तुला मात्र त्यातच कवितेला नवा विषय मिळतो… :)
When People around you don't need you....
Just Wait...
But when they need you...
Don't just wait... :)- Shilpa




Bahot khub... Dil khush kar diya... Seems gatherings of many ideas
ReplyDeleteShukriya.... ;)
ReplyDeleteBahut hi umda ...
ReplyDeleteAccha likha hai ..:-)
Thanks for the comment Vishwa... :)